Training and knowledge Material needs to be developed in local languages – A request from Malawi, Africa.

Such reading materials can be important for local communities to understand issues on disabilities if DPOs used them in local langues. Literature can effectively transform the way we think and the way we hold attitudes towards persons with disabilities if only we understand and contextualize what we learn from the wider world. Hence, the need to communicate in local langues.

Here’s the link to the file: https://s.docworkspace.com/d/AA7AxCvgo95B8IrRxqWdFA Shared from WPS Office: https://kso.page.link/wps

https://s.docworkspace.com/d/ANU-YHbgo95BgKWsyaWdFA Shared from WPS Office: https://kso.page.link/wps

Parents travel over 200 Km to access services for their Children with Mobility Challenges.

Parents from the district of Karonga have lamented that for their children with mobility challenges to access services, they have to cover over 200 Kms. One of the parents, Mr. Richard Mzinza, who is father to a seven year boy, Pilirani, with cerebral palsy, explained that he had to sell all the rice that he had harvested in order to find transport money to travel with Pilirani to the nearest service provider in Rumphi district. On the other hand, Kettie Mwawembe had to sell all the chickens that the family had in order for their 19 year old Blessing to access a wheelchair at Malawi Against Physical Disability in Rumphi. She further explained that her son’s disability was impoverishing the family. The two parents also narrated that their wards would still find it difficult to use the wheelchairs in their homes due to the geographical terrains. The areas are very Sandy and in some places, very uneven. Special schools and specialist teachers were also not available in their home schools. Generally, they said that nutrition for children with disabilities as they are very selective to special meals like foods from soya bean and milk. Hence, parents fail to source them. On the distance to the service provider, they were appealing for mobile clinics to cut off transport costs. The physiotherapists should help such children in their homes.

Poverty deprives children with physical disabilities from accessing aid.

After identifying children with mobility challenges, referrals are made to the service provider. In Malawi, the Malawi Against Physical Disability (MAP), is a government institution with expertise to fix wheelchairs for clients that use or need to use the device. However, most prospective clients, especially children with mobility challenges fail to access the services because their parents do not have transport money to take their wards to the service centre. This situation mostly hinders those living in remote rural areas. As a result, children in this situation cannot access school and other social gatherings. We urge parents to engage in small income generating activities so that at least they can provide for their children with disabilities. They should not allow poverty to make their children with disabilities to be more challenged.

National Political Parties Election Agenda do not include issues faced by persons with disabilities. विकलांगो की बात राजनीतिक पार्टी के एजेंडा में नही…

आज जिस वर्ग पर किसी का ध्यान नही जाता उस विकलांगता वर्ग के मुद्दे को हिन्दुस्तान अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

धन्यवाद Savita Kumari जी व दैनिक हिन्दुस्तान

Who dare to say persons with disabilities votes don’t count??? कौन कहता है कि…. हमारे मत गिने नही जाते #दिव्यांग मतदाता

पटना.बिहार

दिव्यांग मतदाता

चलो…… मतदान करें….

साथ मनाएँ,

देश का महात्योहार

हम मतदान के दिन यूँही समय बर्बाद न करे, इस दिन हम सब मिलकर मतदान करें और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें साथ ही एक अच्छा सरकार बनाएं।

आइए हम सब मतदान करें, हम सब का एक वोट बहुमुल्य है।
Lok sabha Election 2109

Viklang Adhikar Manch, Bihar

Food subsidy and ration (Public Distribution of foodgrains) – PwDs facing issue in access दिव्यांगो की मंत्री जी सुनते हीं नहीं….. शायद व्यस्त होंगे

Lockdown

Divyangjan

Ration

बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री माननीय श्री मदन साहनी जी ने राशन न मिलने या बिहारवासी के दूसरे राज्यों में फंसे रहने हेतु नम्बर जारी किया था।

मंत्री जी के द्वारा जारी किया जिस नम्बर

परंतु महोदय जी का 5 नम्बर में से 3 नम्बर स्विच ऑफ है 1 पर Not Reachable होता है और 1 नम्बर पर रिंग के बावजूद कोई अटेंड नही करते।

कॉल विवरण

विकलांग अधिकार मंच, बिहार के साथी अपने स्तर से तो अपने दिव्यांग साथियों की मदद कर रहें हैं, परंतु बिहार, पटना के मजदूरी करने गए 2 दिव्यांग परिवार #दमन_दीव में फंसे हैं जिनके लिए हमलोगों ने सभी जगह ट्वीट भी किया है, कॉल भी किया परंतु उनको अभी सहायता नही मिल पाई है।

आज देखा मंत्री जी का पेपर कटिंग सोचा इनको बोल कर देखते हैं परंतु परिणाम शून्य है।
इनके अलावे भी जिम्मेवार अधिकारी के नम्बर ऑफ आ रहा है।

मुख्यमंत्री जी, खाद्य उपभोक्ता मंत्री, कई सांसद महोदय, विपक्ष के नेता इत्यादि को ट्विटर पर भी भेजा गया है पर जवाब नही आया।

आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से आग्रह है कि दिव्यांगो के लिए अभी निम्न 2 जरूरतों को अवश्य पूरा करें ताकि आसानी से भोजन किया जा सके/

  1. हमलोगों ने कई सालों से मांग भी किया बिहार सरकार से की दिव्यांगजनो को आधार व दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर #राशन दिया जाए लेकिन आज तक सुनाई नही दिया और आज हमारे कई साथियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभी भी हमारे बिहार के सभी दिव्यांगजन को विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर राशन उपलब्ध कराएं।
  2. #पेंशन 3 महीने का अग्रिम 1200/- रुपये दिया जा रहा है जिसमे भी कई दिव्यांग साथी को 2 महीने का 800/- ही दिया गया है लेकिन फिर भी पूर्व महीनों के बचे पेंशन तो देते, पर पता न क्या सोच रहे?? महोदय पूर्व के महीनों के पेंशन भी जारी कर दीजिए ताकि रोज कमाने खाने वाला दिव्यांग बंधु #माड़_भात हीं अच्छा से खा ले, इस लोकडौन में बंदी के दौरान।

विकलांग अधिकार मंच, बिहार के #कार्यकर्ताओं व #सदस्यों को दिल से धन्यवाद की वे उन दिव्यांग साथियों की मदद कर रहें जहां कोई नही पहुँचता।
लेकिन मंत्री जी व मुख्यमंत्री जी थोड़ा दिव्यांगजन पर भी ध्यान दे दीजिए और अभी कम से कम सबको दिव्यांगता प्रमाण पत्र व आधार कार्ड से राशन ही तो दिलवा दीजिए।

9 Disabled couples getting married- Our Unique Marriage-4th edition (4th year of DPO Viklang Adhikar Manch organising this. 09 दिव्यांग जोड़ो का सामूहिक “अनोखा विवाह-4”

9 दिव्यांग जोड़ो का सामूहिक
#अनोखा_विवाह-4#6_दिसम्बर_2019,
पटनाविकलांग अधिकार मंच के द्वारा पिछले 2016 से बिहार में दिव्यांग जोड़ो का सामूहिक विवाह करवाया जा रहा हैं। वर्ष 2016 में जब इसकी शुरुआत की गई तो एक दूसरे दिव्यांगों का परिचय सम्मेलन तथा उनके घर-घर जाकर उन जोड़ो को मिलवाना, फिर शादी हेतु तैयार करवाना इत्यादि शामिल था। इस वर्ष के आयोजन हेतु बहुत आदरणीय महानुभाव आगे आये और उन दिव्यांग जोड़ो को खुशियाँ देने को हर तरह से मदद किया। इस वर्ष हीं हमारे तत्कालीन राज्यपाल श्री रामनाथ कोविंद सर ने भी मुख्य अतिथि बन जोड़ो को आशीर्वाद व आयोजको का हौसला अफजाई किया।
वर्ष 2016 के सफल आयोजन में हमारे आदरणीय दानवीरों व श्री रामनाथ कोविंद सर के आशीर्वाद के बाद मानो यह एक सिलसिलावार लगातार हर साल #अनोखा_विवाह के नाम से चलने वाला पावन कार्य हो गया।खुशी है कि मंच द्वारा लगातार चौथे संस्करण 2019 में भी “9 दिव्यांग जोड़ो के सामूहिक #अनोखा_विवाह-4” का आयोजन दिनांक 06 दिसम्बर 2019 को किया जा रहा है, जो अमीरी-गरीबी, विकलांगता, जाति को अलग रखते हुए एक भव्य वैवाहिक समारोह होगा।
आपके सहयोग से उन 09 दिव्यांग जोड़ो को अत्यधिक उमंग प्राप्त होगा साथ हीं हमे आयोजन में एक नई ऊर्जा मिलेगी।

#प्रवेश_केवल_कार्ड_से*

Invitation Card issued by DPO- for Social Marriage of 9 PwD couples – 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक “अनोखा विवाह-4”

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4.

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

विकलांग अधिकार मंच व वैष्णो स्वाबलंबन द्वारा दिनांक 06 दिसम्बर को पटना में होने वाले 09 दिव्यांग जोड़े का सामूहिक अनोखा विवाह-4

Lockdown: DPO leaders request government of India to give free foodgrains through PDS for all disabled people. Lockdown में सरकार सभी दिव्यांगजनो को राशन दें

मुख्यमंत्री जी हम दिव्यांगजनों की भी सुनें

मुख्यमंत्री महोदय जी पूर्व में विकलांगअधिकार मंच, बिहार के द्वारा पत्राचार व कई माध्यमो एवं लगातार ट्विटर के माध्यम से अन्य राज्यों के तर्ज पर बिहार में भी दिव्यांगजनो को अनाज देने हेतु हम दिव्यांगजन आपसे मांग करते आ रहे हैं, परंतु आज तक दिव्यांगजनो को अनाज हेतु कोई पहल नही की गई है….

महोदय lockdown व कोरोना जैसे विषम परिस्थिति में वैसे #दिव्यांगजन जो प्रतिदिन कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट भरते थे,
#कोई छोटा-मोटा गुमटी दुकान या रोजगार करते थे,

ट्यूशन पढ़ाकर अपना पेट भरते थे,

कोई प्राइवेट काम करते थे…

वैसे सभी दिव्यांगजनों का बहुत बुरा स्थिति है….

महोदय आपने अभी कई योजना व कार्यक्रम चलाया है, आपने सामुदायिक रसोई भी चलाया है परंतु हमारी मजबूरी है कि हम व हमारे परिवार वहाँ प्रतिदिन खाने नही जा सकते……
महोदय कई दिव्यांग साथियों के पास कुछ पेंशन के पैसे थे जिससे वे अपना खर्च चला रहे थे… कुछ आमदनी के पैसे थे उससे खा रहे थे…आदि

महोदय हम दिव्यांगजन आपसे कोई बड़ी चीज नही मांगते हैं बस 2 चीज #आग्रह #पूर्वक #मांगते #हैं आप हमें यह मुहैया कराएंगे तो आदरणीय मुख्यमंत्री जी हम घर मे खुशी पूर्वक अपने परिवार संग #रोटीदाल और #माड़भात तो खा हीं लेंगे…….

हम दिव्यांगजनों की मांग

  1. सरकार के द्वारा 3 महीने की पेंशन की अग्रिम राशि देने का पहल किया गया हैं, परंतु हम दिव्यांगो को पूर्व महीनों के बचे पेंशन भी अभी जारी किया जाए….
  2. #राज्य के सभी दिव्यांगो को दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर #राशन_अनाज मुहैया कराया जाए…..

मुख्यमंत्री महोदय हम भींख नही मांग सकते और हम तक कोई पहुंच भी नही पाता है। आपके ये 2 आदेश से हम दिव्यांगजन अधिकार के साथ खुशी पूर्वक सम्मानजनक भोजन कर सकेंगे।

उम्मीद है कि हमारे मुख्यमंत्री व हमारी सरकार तक हम दिव्यांग वर्ग के बातों को पहुंचाने में #सभी_वर्गों का साथ मिलेगा तथा हमारी सरकार इसे जरूर गंभीरता से लेगी

🙏 🙏निवेदक: राज्य के सभी दिव्यांगजन🙏